आईपीओ आवंटन कैसे चेक करें और क्या करें अगर शेयर नहीं आता
आपने हाल ही में किसी IPO में आवेदन किया और अब पूछ रहे हैं — मेरा आईपीओ आवंटन कैसे चेक करूँ? यहाँ आसान, सीधी और उपयोगी जानकारी मिल जाएगी। स्टेप-बाय-स्टेप बताऊंगा कि कब और कहाँ चेक करना है, क्या उम्मीद रखें और अगर शेयर नहीं मिलता तो क्या करना चाहिए।
कब चेक करें — टाइमलाइन
IPO की बोली बंद होने के बाद बैंकों और रजिस्ट्रार को आँकड़े भेजे जाते हैं। SEBI के नियम के अनुसार ‘बेसिस ऑफ ऑलोटमेंट’ आम तौर पर बोली बंद होने के बाद कुछ कामकाजी दिनों में जारी होता है (आम तौर पर 4-6 दिन)। इसके बाद शेयर आपके डीमैट खाते में क्रेडिट हो सकते हैं और अगर आप को शेयर नहीं मिला तो रिफंड शुरू हो जाता है। सामान्य रूप से शेयर क्रेडिट और रिफंड 1-3 कामकाजी दिनों में हो जाते हैं, लेकिन यह प्रॉसेस थोड़ा लंबा भी हो सकता है।
IPO आवंटन चेक करने के आसान तरीके
1) रजिस्ट्रार की वेबसाइट: सबसे भरोसेमंद तरीका है IPO के रजिस्ट्रार (जैसे KFintech, Link Intime, Bigshare) की वेबसाइट पर जाकर PAN या आवेदन संख्या डालना। यही जगह बेसिस ऑफ ऑलोटमेंट भी प्रकाशित करती है।
2) BSE/NSE की अलॉटमेंट शीट: कुछ IPOs के लिए BSE या NSE की साइट पर भी अलॉटमेंट स्टेटस मिलता है। वहां पर भी PAN डालकर स्टेटस देखा जा सकता है।
3) ब्रोकरेज ऐप और बैंक: आपकी ऐप/ब्रोकर कई बार नोटिफिकेशन भेज देता है कि शेयर क्रेडिट हो गया या रिफंड जारी हो गया। UPI/ASBA के माध्यम से किए गए भुगतान का स्टेटस बैंक के नेट बैंकिंग या मोबाइल में भी दिख जाता है।
4) अपने डीमैट खाते की जाँच: अगर अलॉटमेंट हो गया है तो शेयर सीधे आपके डीमैट खाते में दिखेंगे। कई बार रजिस्ट्रार ने अलॉटमेंट कर दिया हो, पर शेयर क्रेडिट में देरी हो सकती है — ऐसे में डीमैट स्टेटमेंट चेक करें।
अगर शेयर नहीं मिला तो क्या करें?
1) रजिस्ट्रार पेज पर रिफंड स्टेटस चेक करें — किस बैंक/UPI पर रिफंड गया।
2) अगर रिफंड नहीं मिला तो अपने बैंक/ब्रोकर से संपर्क करें और रजिस्ट्रार को भी ईमेल करें। आवेदन संख्या और PAN का उल्लेख रखें।
3) रिफंड में देरी होने पर बैंक के UPI या पेमेंट चैनल की जाँच करें; कभी-कभी UPI मर्चेंट मैन्डेट में समस्या रहती है।
किस तरह की उम्मीद रखें — रिटेल में लॉटरी कैसे काम करती है?
अगर IPO ओवरसब्सक्राइब्ड होता है तो रिटेल हिस्सा लॉटरी या प्रपोर्शनल बेसिस पर बाँटा जाता है। इसका मतलब है कि सभी को बराबर भाग नहीं मिलता; कुछ को पूरा, कुछ को आंशिक और कुछ को कोई शेयर नहीं मिलता। इसलिए आवेदन करने से पहले पोर्टफोलियो और रणनीति समझकर आवेदन करें।
अंत में एक छोटा टिप: IPO में आवेदन करते समय PAN, डीमैट और बैंक विवरण सही रखें और ASBA/UPI मैनडेट सही ढंग से पूरा करें। इससे अलॉटमेंट और रिफंड में परेशानी कम होती है। अगर कुछ गड़बड़ लगे तो रजिस्ट्रार और अपने ब्रोकरेज को तुरंत संपर्क करें।