आईपीओ शेयर: आसान गाइड नए निवेशकों के लिए
आईपीओ शेयर खरीदना क्यों फायदेमंद लगता है? क्योंकि लिस्टिंग पर तेज़ रिटर्न मिलते हैं। लेकिन हर आईपीओ अच्छा नहीं होता। आप चाहेंगे कि पैसा समझदारी से लगे। नीचे मैंने साफ और व्यावहारिक तरीका बताया है ताकि आप बिना ज्यादा जंजाल के समझ सकें।
आईपीओ में कैसे निवेश करें — कदम दर कदम
सबसे पहले आपका Demat और Trading अकाउंट होना चाहिए। ज्यादातर ब्रोकर्स और बैंकों से ये तुरंत खुल जाते हैं।
फिर IPO के लिए ब्रोकरेज या बैंक की वेबसाइट/app खोलें। आवेदन ASBA या UPI के जरिए होता है। ASBA में बैंक आपके फंड को ब्लॉक कर देता है, अगर शेयर नहीं मिलते तो तुरंत अनब्लॉक हो जाते हैं। कुछ IPOs में UPI मांडेट भी रहता है, जो आसान है।
आवेदन भरते वक्त यह जानकारी दें: कितने शेयर लेना है (लॉट साइज में), आपके बैंक/UPI विवरण और Demat जानकारी। सबमिट करने से पहले रिटेल बैंड, प्राइस बैंड और लॉट साइज जरूर देखें।
ऑलॉटमेंट के बाद अगर शेयर मिलते हैं तो वे सीधे आपके Demat में आएंगे। लिस्टिंग से पहले या लिस्टिंग के दिन आप बेच भी सकते हैं।
क्या देखें — तेज चेकलिस्ट
RHP/DRHP (प्रॉस्पेक्टस) पढ़ें। कंपनी का बिजनेस मॉडल क्या है? मुनाफा हो रहा है या सिर्फ रेवेन्यू बढ़ रहा है? डेब्ट कितना है? पैसे किस काम आएंगे (use of proceeds)?
प्रमोटर और मैनेजमेंट का रिकॉर्ड देखिए। क्या पहले से विवाद हैं? लॉक‑इन पीरियड क्या है — बड़े निवेशक कब तक शेयर नहीं बेच पाएंगे, ये भी देखें।
वैल्यूएशन देखें — आईपीओ का P/E या तुलना समान कंपनियों से करें। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) दिखाता है कि लिस्टिंग पर लोग कितना उम्मीद कर रहे हैं, पर इसे अकेला आधार न बनाएं।
जोखिम और ध्यान रखने वाली बातें
लिस्टिंग पर फायदा भी और नुकसान भी हो सकता है। कुछ IPOs बस लिस्टिंग‑देदी के बाद गिर जाते हैं। इसलिए सिर्फ हाइप देखकर न जंप करें।
डायवर्सिफाय करें — सारे पैसे एक ही IPO में मत डालें। अलॉटमेंट नहीं मिलना भी सामान्य है, इसलिए आवेदन करते वक्त रिटेल लिमिट समझ कर ही निवेश करें।
टैक्स की बात: अगर आपने शेयर 12 महीने से कम रखे और बेचा तो शॉर्ट‑टर्म कैपिटल गेन नियम लागू होगा (STCG) और लंबी अवधी पर LTCG के नियम अलग होते हैं। अपने कर सलाहकार से सटीक सलाह लें।
अंत में एक छोटी टिप: बड़ी कंपनियों के आईपीओ पर भी नजर रखें, पर हमेशा RHP पढ़ें और अपनी रिस्क‑सहिष्णुता (risk tolerance) के हिसाब से ही पैसा डालें। कोई भी आईपीओ पक्का मुनाफा नहीं देता — समझदारी और चेकलिस्ट से काम लें।
यदि आप चाहें तो मैं किसी खास आईपीओ का सरल विश्लेषण करके दे सकता/सकती हूँ — कंपनी, वैल्यूएशन और संभावित खतरे अलग से देख कर।