आत्महत्या — कैसे पहचानें और क्या करें
अगर आप या आपका कोई पासवाला व्यक्ति आत्महत्या के बारे में सोच रहा है, तो हर मिनट मायने रखता है। यह लेख सीधे, सरल और काम आने वाले कदम बताता है — ताकि आप जल्दी समझकर मदद पहुंचा सकें।
किस तरह के संकेत देखें?
किसी में अचानक मनोदशा में बदलाव, अक्सर उदासी या बेवजह गुस्सा, बातों में निराशा या “जीने का कोई मतलब नहीं” जैसी बातें कहना चिंता की वजह बन सकती हैं। दूसरे संकेत: दोस्तों और रूटीन से दूरी, भविष्य की योजनाएँ छोड़ना, व्यवहार में असामान्य जोखिम लेना, और किसी चीज़ को अलबामा तौर पर बाँटना (जैसे इलाज या व्यक्तिगत चीजें)। निश्चय न करें कि किसी के चुप रहने का मतलब सब ठीक है — पूछें।
अगर आप या कोई नज़दीकी खतरे में हो — अभी क्या करें
पहला कदम: सीधे और बिना आरोप के पूछें — "क्या तुम अपने जीवन के बारे में नुकसान पहुँचाने की सोच रहे हो?" यह सवाल लोग खोलकर बात करने में मदद करता है। सुनें, दयालु बनें, और किसी भी तरह का निर्णय तुरंत न लें।
अगर तत्काल खतरा है (व्यक्ति के पास आत्मघाती योजना या साधन हैं), तो उसे अकेला न छोड़ें। अपने घर के अपराधी उपकरण, दवाइयाँ या हथियार सुरक्षित रखकर दूर करें। तुरंत स्थानीय आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल ले जाएँ।
भारत में आप नेशनल मेंटल हेल्पलाइन KIRAN 1800-599-0019 पर भी संपर्क कर सकते हैं। अगर आप किसी और देश में हैं, तो अपने देश की आपात सेवा या लोकल हेल्पलाइन को खोजें।
पेशेवर मदद लेना जरूरी है — मनोचिकित्सक, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट या काउंसलर से मिलें। अगर कोई अस्पताल जाना माने तो तुरंत ER तक पहुँचाएं। साथ ही दोस्तों और परिवार को स्थिति के बारे में सूचित करना मददगार रहता है ताकि व्यक्ति अकेला न रहे।
किसी की मदद करते समय इन बातों का ध्यान रखें: आरोप न लगायें, छोटी-छोटी बातों को भी गंभीरता से लें, उसे सुनें और भरोसा दिलाएँ। "बस हिम्मत रखो" जैसे हल्के जवाब अक्सर काम नहीं आते। व्यवहारिक मदद दें — डॉक्टर के पास जाने में साथ जाएँ, हेल्पलाइन कॉल करें, या संकट के समय सबसे पहले अस्पताल ले जाएँ।
अगर आप स्वयं कठिनाई महसूस कर रहे हैं, तो छोटे कदम भी असरदार होते हैं: किसी भरोसेमंद से बात करिए, रात में अकेले न रहें, स्क्रीन ब्रेक लें और नींद-खाने का ध्यान रखें। दर्द को छोटा समझने की भूल न करें — मदद मांगना कमजोरी नहीं, यह न्याय है।
याद रखें: मदद संभव है और लोग आपकी परवाह करते हैं। यदि तुरंत खतरा हो तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएँ। भारत में KIRAN (1800-599-0019) भी सहायता के लिए उपलब्ध है। आप अकेले नहीं हैं — एक छोटा कदम आज बड़े बदलाव ला सकता है।