स्टॉक विभाजन (Stock Split) क्या है — आसान भाषा में

कभी आपने सोचा कि किसी कंपनी के शेयर का भाव अचानक आधा क्यों हो जाता है पर आपकी कुल कीमत नहीं बदलती? यही स्टॉक विभाजन है। कंपनी अपने प्रत्येक शेयर को छोटे हिस्सों में बाँट देती है — जैसे 1 शेयर को 2 या 5 हिस्सों में। कीमत घटती है लेकिन आपके पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है। कुल मिलाकर कंपनी का मार्केट कैप वही रहता है।

स्टॉक स्प्लिट कैसे काम करता है?

मान लीजिए आपके पास 100 शेयर हैं और हर शेयर की कीमत ₹2000 है। कुल कीमत ₹2,00,000। अगर कंपनी 1:2 स्प्लिट करती है तो आपके पास 200 शेयर होंगे और हर शेयर की कीमत लगभग ₹1000 हो जाएगी। आपका कुल निवेश वही रहता है — बस शेयरों की संख्या और प्रति शेयर कीमत बदल जाती है।

दो प्रकार के स्प्लिट होते हैं — फॉरवर्ड स्प्लिट (सामान्य स्प्लिट) और रिवर्स स्प्लिट। फॉरवर्ड स्प्लिट में शेयर बंटते हैं ताकि कीमत कम और खरीदना आसान बने। रिवर्स स्प्लिट में शेयर मिलाकर कम संख्या की उच्च कीमत वाले शेयर बनते हैं, अक्सर तब होता है जब कंपनी का शेयर बहुत कम भाव में आ गया हो।

क्यों करती हैं कंपनियाँ स्टॉक विभाजन?

कंपनी अक्सर तीन कारणों से स्प्लिट करती है: 1) शेयर की कीमत को सुलभ बनाना ताकि खुदरा निवेशक आसानी से खरीद सकें; 2) पूंजी बाज़ार में तरलता बढ़ाना ताकि खरीद-बिक्री ज्यादा हो; 3) ब्रांडिंग/सिग्नल भेजना कि कंपनी का प्रदर्शन अच्छा है (हालाँकि यह गारंटी नहीं)।

स्प्लिट से कंपनी का फंडामेंटल नहीं बदलता — सिर्फ इकाइयों का विन्यास बदलता है। इसलिए स्प्लिट को सकारात्मक खबर ही मानना गलत हो सकता है।

क्या यह टैक्सेबल इवेंट है? सामान्यतः स्टॉक स्प्लिट पर आपको टैक्स तभी नहीं देना पड़ता क्योंकि आप केवल शेयरों को विभाजित होते देखते हैं — आपकी कुल पूंजी वही रहती है। हालाँकि, आगे बेचते समय कैपिटल गेन की गणना में प्रति-शेयर कॉस्ट बेस पर समायोजन होता है। किसी भी टैक्स सवाल पर अपने टैक्स कंसल्टेंट से बात करें।

निवेशक के लिए व्यवहारिक सुझाव: स्प्लिट की घोषणा पर तुरंत खरीद-फरोख्त करने या बेचने से पहले कारण समझें। क्या कंपनी ने स्प्लिट के साथ कोई अन्य कॉर्पोरेट निर्णय लिया है? क्या फंडामेंटल मजबूत हैं? छोटे निवेशक के लिए स्प्लिट से खरीदना सुविधाजनक हो सकता है, पर यह सिर्फ सस्ती कीमत नहीं बल्कि कंपनी के भविष्य और वैल्यू पर निर्भर होना चाहिए।

अंत में, स्प्लिट को एक तकनीकी इवेंट की तरह देखें — यह कीमत और संख्या बदलता है लेकिन कंपनी की असल ताकत रिपोर्ट, बिक्री, प्रॉफिट और रणनीति में निहित रहती है। अगर आप नियमित निवेशक हैं तो स्प्लिट के समय घबराएँ नहीं, कारण जाँचें और अपने निवेश लक्ष्य के हिसाब से निर्णय लें।