अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: भारत में महिलाओं की उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एक ऐसा दिन है जब हम सिर्फ बातें नहीं करते, बल्कि उन महिलाओं को याद करते हैं जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, एक वैश्विक आंदोलन जो महिलाओं के अधिकारों, समानता और उपलब्धियों को मनाता है के नाम पर दुनिया बदल दी। ये दिन सिर्फ फूल और भाषणों का नहीं, बल्कि उन वास्तविक कदमों का भी जश्न है जिन्होंने बदल दिया — जैसे जब हर्मनप्रीत कौर, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान जिन्होंने पाकिस्तान को 88 रन से हराया और मिथाली राज का रिकॉर्ड तोड़ा ने टीम को नेतृत्व दिया, या जब दीपिका पादुकोण, एक बॉलीवुड स्टार जो अब मेटा AI की आवाज़ बन गई है और भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए हिंदी समर्थन लेकर आई हैं ने टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपनी आवाज़ दर्ज कराई। ये सिर्फ खबरें नहीं, ये बदलाव के संकेत हैं।

महिलाएँ अब सिर्फ खेल के मैदान या फिल्मों के पीछे नहीं रहीं। वे टीमों की कप्तान बन रही हैं, टेक कंपनियों के AI मॉडल की आवाज़ बन रही हैं, और बाजार में अपनी छाप छोड़ रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आज केवल एक तारीख नहीं, बल्कि एक नया मानक है — जहाँ एक खिलाड़ी की शतक बनाने की क्षमता, एक अभिनेत्री की आवाज़ की ताकत और एक नेता की निर्णय लेने की क्षमता को एक ही तरह से मान्यता दी जाती है। भारत में जब एक लड़की बारिश में क्रिकेट खेलती है, तो वह सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक नए नियम की शुरुआत कर रही है। जब एक महिला एक एआई आवाज़ बनती है, तो वह सिर्फ एक टेक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक नए विश्व की नींव रख रही है।

इस लिस्टिंग में आपको ऐसी ही कहानियाँ मिलेंगी — जहाँ महिलाएँ अपने क्षेत्र में रिकॉर्ड बना रही हैं, नेतृत्व कर रही हैं, और दुनिया को अपनी आवाज़ से सुना रही हैं। ये खबरें आपको बताएंगी कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का मतलब आज क्या है — न सिर्फ एक दिन के लिए नहीं, बल्कि हर दिन के लिए।

नारी शक्ति से विकसित भारत: राष्ट्रपति मुर्मू ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर शुरू किया बड़ा अभियान
20, नवंबर, 2025

नारी शक्ति से विकसित भारत: राष्ट्रपति मुर्मू ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर शुरू किया बड़ा अभियान

भारत ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 को 'नारी शक्ति से विकसित भारत' के नारे से मनाया, जिसमें राष्ट्रपति मुर्मू ने शुरुआत की। प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को सोशल मीडिया पर मंच दिया और ₹11,298 करोड़ के निर्भया फंड के साथ सशक्तिकरण की नई राह दिखाई।

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