बम धमकी पर तुरंत करने योग्य काम
बम धमकी मिलने पर घबराना आसान है, पर सबसे जरूरी काम शांत रहकर सही कदम उठाना है। यहाँ सीधे, काम आने वाले निर्देश दिए गए हैं जिन्हें तुरंत अपनाएँ।
अगर आपको धमकी मिली है तो करें ये
सबसे पहले खुद को और आसपास के लोगों को सुरक्षित जगह पर ले जाएँ। फोन, ईमेल या सोशल मीडिया पर मिली धमकी को तुरंत नज़रअंदाज़ न करें। यदि फोन पर मिली है तो कॉल रिकॉर्ड रखें; शक होने पर स्क्रीनशॉट या रिकार्डिंग सम्भाल कर रखें।
तुरंत स्थानीय पुलिस/आपात सेवा को सूचित करें। जितनी जल्दी सूचना पहुँचेगी, उतना बेहतर। स्थान, समय, धमकी देने वाले के शब्द, कोई पहचान जैसे नंबर या यूजरनेम बताएँ।
संदिग्ध पैकेज या बैग को छुएं नहीं और न ही उसे हटाने की कोशिश करें। आसपास के लोगों को हटाकर इलाके को सुरक्षित दूरी पर रोकें और बिजली या गैजेटों के पास न रुकेँ।
यदि आप किसी सार्वजनिक स्थान, ऑफिस या स्कूल में हैं तो इवैकुएशन प्लान फॉलो करें। असेंबली प्वाइंट पर जाएँ और सूत्रधार या अधिकारी की आगे की जानकारी का इंतज़ार करें।
अधिकारियों और संस्थानों का क्या रॉल होता है
पुलिस और बम निरोधक दस्ते इलाके की तलाशी लेते हैं, ज़रूरत पड़ने पर कुत्ते (K9), एक्स-रे और नियंत्रित विस्फोट का उपयोग होता है। मीडिया और लोगों को इलाके से दूर रखा जाता है ताकि बचाव कार्य सुचारु रहें।
संस्थानों को चाहिए कि वे पहले से इवैकुएशन रूट और संपर्क सूची बनाकर रखें। हर कर्मचारी को पता होना चाहिए कि किसे कॉल करना है और असेंबली प्वाइंट कहाँ है। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए माता-पिता को समय पर सूचना दें।
प्रेस और सोशल मीडिया पर सूचना देने वाले लोगों से अपील: अफवाह या अनिश्चित सूचना फैलाने से बचें। केवल आधिकारिक अपडेट साझा करें। गलत जानकारी से पैनिक बढ़ता है और बचाव कार्य प्रभावित होते हैं।
कई बार धमकियाँ झूठी निकलती हैं। फिर भी हर धमकी को गंभीरता से लें। झूठा अलार्म भी संसाधन खर्च करता है और कानून द्वारा दंडनीय है। अगर आप जान-बूझकर फेक कॉल या मैसेज भेजते हैं तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
अगर आप मैनेजर, शिक्षक या आयोजक हैं तो घटना के बाद रिपोर्ट तैयार करें: घटना का समय, मिली धमकी का स्वरूप, उठाए गए कदम और पुलिस रिपोर्ट की कॉपी रखें। यह भविष्य में तैयारी और कानूनी काम के लिए जरूरी होता है।
आख़िर में, याद रखें कि आपकी त्वरित और सही प्रतिक्रिया कई लोगों की जान बचा सकती है। शांत रहें, अधिकारियों को सूचित करें, संदिग्ध वस्तुओं को छुएँ नहीं और अफवाह फैलाने से बचें। यही सबसे प्रभावी सुरक्षा है।