प्लेयर ऑफ द मैच: किसे और क्यों मिलता है
कभी सोचा है कि मैदान पर सबसे चमकने वाले खिलाड़ी को "प्लेयर ऑफ द मैच" कैसे मिलता है? ये टाइटल सिर्फ सबसे ज़्यादा रन या विकेट लेने वाले को नहीं मिलता। अक्सर मैच में उस खिलाड़ी की समग्र प्रभावशीलता, मैच के निर्णायक मोड़ और टीम के परिणाम पर उसका प्रभाव देखा जाता है।
यही वजह है कि कभी-कभी एक मध्यम स्कोर करने वाला बल्लेबाज़ या एक ओवर में दो महत्वपूर्ण विकेट लेने वाला गेंदबाज़ ही प्लेयर ऑफ द मैच बन जाता है। उदाहरण के लिए, न्यूजीलैंड बनाम जिम्बाब्वे मैच में जाक फोल्क्स के पाँच विकेट ने मैच पर निर्णायक असर डाला और उन्हें अवॉर्ड मिला।
चयन के आम मानदंड
आम तौर पर जिन बातों को देखा जाता है, वो हैं: कुल योगदान (रन+विकेट+फील्डिंग), समय पर किया गया प्रदर्शन (जैसे दबाव में निभाई गई पारी), मैच के टर्निंग प्वाइंट पर खिलाड़ी की भूमिका, और कभी-कभी दर्शक या कमेंट्री टीम की राय। प्रेस और आयोजक कभी-कभी ऑफिशियल पैनल से अलग राय रखते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय वहीं आता है जहाँ पहलू ज्यादा निर्णायक दिखे।
कौन-कौन से पल मायने रखते हैं? मैच का आखिरी ओवर, खुले तौर पर दबाव में बचाव, या फिर चोट के बाद वापसी जैसे क्षण अक्सर वोट बदल देते हैं। मिसाल के तौर पर IPL में भुवनेश्वर कुमार ने रिकॉर्ड विकेट लेकर सिर्फ संख्या ही नहीं, बल्कि टीम के लिए महत्वपूर्ण मोमेंट बनाकर पहचान बनाई।
टिप्स: फैंटेसी और वोटिंग में किसे चुनें
अगर आप फैंटेसी खेल रहे हैं या वोट देने वाले हैं तो इन संकेतों पर ध्यान दें — खिलाड़ी की हालिया फॉर्म, पिच और मौसम का मेल, मैच में उसकी भूमिका (ओपनर, क्लोजर, अहम स्पिनर/फास्ट बॉलर) और मैच-सिचुएशन में उनकी फिटनेस। उदाहरण के तौर पर, PSL में शादाब खान जैसे ऑलराउंडर जिनके पास बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों का संतुलन है, फैंटेसी टीम के लिए सोना साबित होते हैं।
स्टैट्स भी जरूरी हैं, पर सिर्फ आंकड़ों पर ही निर्भर मत रहिए। कभी-कभी एक सिंगल-हार्ड हिट या महत्वपूर्ण कैच मैच का रुख मोड़ देता है। मैच रिपोर्ट और पलों के क्लिप देखकर आप बेहतर अंदाज़ा लगा सकते हैं।
खेल सिर्फ क्रिकेट ही नहीं—टेनिस, फुटबॉल या रेसलिंग में भी MVP तय करने के मानदंड मिलते-जुलते होते हैं: निर्णायक पॉइंट्स, मैच कंट्रोल और विपक्षी पर दबाव। French Open में Jannik Sinner जैसी लगातार परफॉर्मेंस वाली जीतें अक्सर प्लेयर ऑफ द मैच जैसी पहचान दिलाती हैं।
अंत में, प्लेयर ऑफ द मैच का टैग एक छोटा सम्मान है पर इसका अर्थ बड़ा होता है—यह बताता है कि किसने उस दिन टीम को आगे बढ़ाया। अगली बार मैच देखते वक्त सिर्फ स्कोर नहीं, उन खास पलों और उनका प्रभाव भी नोट करें। इससे आप खुद भी समझ पाएँगे कि जीत का असली सितारा कौन था।